Saturday, 20 October 2018

मुद्रा ‘सीता-राम’ चलाने वाले अकबर ने बाँध बनाकर बसाया था इलाहाबाद, शहर नहीं था प्रयाग!

मद्रा ‘सीता-राम’ चलाने वाले अकबर ने बाँध बनाकर बसाया था इलाहाबाद, शहर नहीं था प्रयाग!


मुद्रा ‘सीता-राम’ चलाने वाले अकबर ने बाँध बनाकर बसाया था इलाहाबाद, शहर नहीं था प्रयाग!

इलाहाबाद को प्रयागराज करने की मुहिम के पीछे झूठ और पाखंड का एक कुचक्र है जिसने उन्हें बेहद आहत किया है जो ख़ुद को किन्हीं भी अर्थों में ‘इलाहाबादी’ समझते हैं। ये इलाहाबादी वही नहीं हैं जो संगम किनारे जन्मे, वे भी हैं जिन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय या अन्य शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई लिखाई की या प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इस शहर में रहे और इसके स्पर्श से ‘नया जनम’ पाया। वे इलाहाबाद में रहते थे लेकिन प्रयाग और प्रयागघाट भी बाक़ायदा थे, जबकि प्रयागराज में इलाहाबाद के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि जो लोग नाम परिवर्तन का विरोध कर रहे हैं वे अपना प्राचीन गौरवशाली इतिहास नहीं जानते। प्रयाग का नाम बदलकर अकबर ने इलाहाबाद किया था। यह सरासर झूठ है। पौराणिक ग्रंथ गंगा पार प्रतिष्ठानपुर (झूंँसी) में इलावास (इला के बसने का स्थान) की सूचना देते हैं, न कि इस पार प्रयाग जैसे किसी नगर की। यह ‘नगर’ हो ही नहीं सकता था क्योंकि इस पार गंगा और यमुना का दोआबा, दो नदियों के पानी से दलदली था। इसे शहर की शक्ल दी थी मुगल सम्राट अकबर ने एक तरफ़ क़िला और दूसरी तरफ़ बाँध बनवाकर। संगम के इस पार मानव बस्ती तभी संभव हो पाई। इस पूरे मामले पर ‘इलाहाबादी’ कवि बोधिसत्व ने यह सारगर्भित टिप्पणी लिखकर ज़रूरी हस्तक्षेप किया है– संपादक

 

इलाहाबाद शहर के वास्तविक संस्थापक थे सम्राट अकबर!


 


इलाहाबाद शहर के मूल संस्थापक अकबर थे। अकबर की देन से इलाहाबाद आज भी जिंदा है। मैं इलाहाबादियों से पूछता हूँ आज भी गंगा यमुना की बाढ़ से शहर को कौन बचाता है। अगर अकबर का बनवाया बांध न हो तो आज भी इलाहाबाद का अस्तित्व एक बरसात ही है।

जो इलाहाबाद को जानते हैं मैं उनसे पूछता हूँ अकबर के बांध के पहले इलाहाबाद में आबादी की संभावना कैसे रही होगी। कछार के धरातल से भी नीचे है अल्लापुर अलोपीबाग बैरहना और तुलारामबाग टैगोरटाउन का धरातल। सिविललाइंस कटरा और मम्फोर्डगंज का कुछ हिस्सा ऊँचा है। भारद्धाज आश्रम और आनंद भवन के आसपास भी कुछ ऊँचे भूभाग है। यहाँ तब भी मुनियों के आश्रम रहे होंगे। लेकिन आबादी का कहीं कोई जिक्र नहीं है।

इलाहाबाद वालों जो आपको दो महान नदियों की बाढ़ की विभीषिका से बचाता है वह निर्माण हुमायूँ के पुत्र अकबर का है। दारागंज से एलनगंज के बीच लगभग 2 किलोमीटर का बांध। जिसे आप अब केवल बांधरोड कहते हो।

अकबर के पहले के मध्यकाल में उस इलाके में शासन और सत्ता के केन्द्र कड़ा मानिकपुर जौनपुर और चुनार थे। अकबर ने संगम पर एक मजबूत किला बनवाकर कड़ा और कोसम (कौशांबी) की जगह जंगलों और डूब वाली भूमि पर एक नगर संभव किया।

जिसे भी मेरी इस स्थापना पर आपत्ति हो वह बताए कि बांधों का चौतरफा घेरा जब न था तो गंगा का पानी बघाड़ा वाले कछार से शहर में दाखिल होने से कौन रोकता था।

आप नाम बदलो। हारे हुए लोगों और उनके नगरों के नाम बदले जाने की एक सामंती परम्परा रही आई है। लेकिन अकबर ने काशी, अयोध्या मथुरा हरिद्वार उज्जैन विन्ध्याचल मैहर चित्रकूट इन बड़े तीर्थों के नाम क्यों नहीं बदले? अगर काफिरों को नीचा दिखाना होता तो ये बदलाव व्यापक प्रभाव डालते। रोचक बात है कि किसी नदी का नाम नहीं बदला गया। किसी पहाड़ किसी झरने का नाम नहीं बदला गया। पूरे मुगल सरकार में । गंगा यमुना सरयू चंबल केन बेतवा बरुणा गंडक सोन घाघरा व्यास झेलम रावी सिंध चेनाब सुतलज जंमू तवी किसी नदी नाले का नाम नहीं बदला। हिमालय हरिद्वार से पानी मंगाकर पीता रहा अकबर।

कितने कम दूरंदेश थे मुगल। अकबर तो पूरा मूर्ख था सूर्यसह्रनाम रटने में लगा था। टोडरमल खत्री बीरबल पाण्डे मानसिंह कछवाहा को नवरत्न बनाकर सरकार चलाता रहा। हारे लोगों के भगवान के प्रिय भगवान राम और सीता के नाम पर सिक्के जारी करना यह बताता है कि पराजितों के समूल नाश की मानसिक औकात नहीं थी उसमें। और उसका नवरत्न मानसिंह बरसाने में राधारानी का मंदिर बनवाता रहा। सरकार की नाक के नीचे। और अकबर तानसेन से रागरागिनी सुनता रहा।

तुलसीदास राम का चरित गाते रहे उसके शासन में। सूर की कृष्ण लीला वृंदावन में चलती रही। पूरी भक्ति कविता गाई गई उस अकबर की सरकार में। उसे रोकना होता तो यह साहित्य सृजन रोकना था। उल्टे उसका एक प्रिय सिपहसालार कवि रहीम तो वैष्णव हो गया। पुष्टि मार्ग का अनुयायी। बीस भाषाओं का ग्यानी फारसी तुर्की अरबी संस्कृत का प्रकांड पंडित होकर ब्रज में बरवै और नीति के दोहे रचता रहा।

हारे लोगों की भाषा संस्कृति से प्रेम करने वाले मूर्ख थे सब। रहीम को फारसी से हिलना नहीं था और तुलसी सूर कुम्भन सबको दो थप्पड़ लगा कर आगरे से लेकर अगरोहा तक कहीं कैद रखना एक अपराजेय सम्राट के लिए इतना कठिन काम तो न रहा होगा। उसे जौनपुर में पुल नहीं बनवाना था। बस जौनाशाह की जगह हर नये पुराने निर्माण को अकबर द्वारा तामीर किया गया की मुनादी करवानी थी।

लेकिन तब उसके इंतकाल पर जौनपुर इलाहाबाद मीरजापुर बनारस शोक में न डूबते। यहाँ के बाजार हफ्तों अपने शहंशाह के जाने का मातम न मनाते। आप अकबर के संस्थापित शहर का नाम बदलो। लेकिन जन के मन से खुरचकर अकबर को मिटाने की क्या तरकीब निकालोगे?

पुनश्च: अकबर ने सियाराम सिक्का जारी किया (चित्र ऊपर है)। अकबर के सिक्के की जानकारी मुझे पहलीबार गीताप्रेस की कल्याण पत्रिका से मिली थी। वह अंक अभी भी मेरे पास है।

(यह 1911 में प्रकाशित इलाहाबदा का गज़ेटियर है जिसमें इलावास से इलाहाबाद होने की कथा दर्ज है। गज़ेटियर साफ़ कहता है कि अकबर ने नया शहर बसाया। )

Sunday, 16 September 2018

Bigg Boss has started on Sunday, and everyday at 9 pm

'बिग बॉस 12' के दमदार कंटेस्टेंट्स में से एक हैं फेमस क्रिकेटर एस. श्रीसंत। 'बिग बॉस' के प्रीमियर पर मंच पर उन्होंने शानदार परफॉर्मेंस दी, जिसके बाद शो के होस्ट कर रहे सलमान खान उनसे कुछ बातचीत भी की। श्रीसंत ने इसी बातचीत में सलमान को बताया कि उनकी वाइफ इस शो 'बिग बॉस' की बड़ी फैन हैं। सलमान ने झट से उनकी वाइफ भुवनेश्वरी से शो को लेकर कुछ सवाल पूछ डाले। 

सलमान ने श्रीसंत की वाइफ से कहा कि जब आप इस शो को फॉलो करती हो तो शो के ऊपर आपसे कुछ सवाल पूछ लेते हैं। उन्होंने पूछा कि उनके हिसाब से टॉप तीन ऐसी क्या चीजें हैं, जो इनको (श्रीसंत) को घर में नहीं करना चाहिए? उनकी वाइफ ने जवाब में कहा, 'डिसकनेक्ट नहीं करना चाहिए, पार्टिसिपेट करना चाहिए लेकिन टकला नहीं होना चाहिए। भुवनेश्वरी की इस बात पर वहां मौजूद सभी दर्शक जोर-जोर से हंसने लगे। सलमान ने उनसे फिर पूछा कि जब ये अंदर जाएंगे तो आपको किस बात का सबसे ज्यादा डर है? भुवनेश्वरी ने जवाब में कहा कि उन्हें कोई डर नहीं। उन्होंने कहा, बहुत ही अच्छा इंसान है श्री। हिन्दी में कहें तो यारों का यार। वह अपनी फैमिली, फ्रेंड्स के लिए कुछ भी कर सकता है। मुझे गर्व है और पूरा भरोसा है कि वह वहां अपना बेस्ट देंगे, लेकिन बस अपना सिर नहीं मुंडवाना,प्लीज़ अपने बाल मत निकलवाना।' 

Friday, 29 June 2018

Sanju Movie Rating & Box Office Prediction

   Sanju, the best movie of the year, this is afantastic movie which can see with the family,  
Best movie of the year
What is the rating of the movie?

As per response seen the by the audience and my experience this is 4.5/5 and best thing is you will not feel any disconnect anywhere, so it's a best movie to watch.

Total box office collection?

This is a fantastic movie and will bring a big change in Ranbir Kapoor's career, in the 1st weekend movie will enter into the 100 crore club easily, and if we talk about total collection so this will not be behind the Race 3. It will collect around 200 to 250 crore in India, and overall should be around 300 plus crores.

I am a big fan of Salman Khan, but this time I am with Sanju because Race 3 has no story to enjoy but Sanju have the same.

Enjoy weekend and happy reading.

Friday, 15 June 2018

Race 3 movie review and collections

Race 3 is not more than a action kam drama zyada movie,  because actors did try well but it is not as per demand,  Salman khan always try to maintain his action hero image he justofied that in this movie but the other actors did not well.

As per my understanding the movie will earn around 30 crore and ot will cross 100 crore in the end of weekend bacause its a festival time so people will go to watch and let me tell you just because of salman khan people will go to theatre otherwise its a boring movie and till emd of the month movie aill enter into the 250 crore club but salman khan fails to beat his movie tiger zinda h amd also avenger earned more than race 3 on day first it was 31 crore.

Star cast - Salman Khan,  Anil Kapoor,  Bobby Deol,  Saleem,  Jacqueline, Daisy Shah.

All the best to Salman Khan and team.

Thursday, 22 February 2018

Robot 2.0 Box Office Collection Prediction

Robot 2.0: As we all know that it's a Rajnikanth's Movie, which normally earns 400 - 500 crores easily, but this time it is gonna be a big blast of Rajnikanth because in Robot 2.0 Akshay Kumar is also will appear and look like a Robotic Avatar.

It is totally technology based film as we know Hollywood totally works in technology and they believe in technology that shows in their films you can see avatar, Avengers, marvels film collections, Jurassic Park etc, a lot of movies are there in Hollywood which represents technology level in these days.

But its all about Tollywood and Bollywood both industries are the lifeline of Indian Cinema Industry.

Total earning of Robot 2.0
Robot 2.0 will definitely cross 1000 crores, as per my prediction film is gonna earn and smash the worldwide collection record of Amir Khan Dangal and Bahubali 2.

In India it will earn more than 500 crores and the overseas collection will bring a new face of Indian cinema in front of other countries viewers.

Lifetime Collection Prediction
It will cross 1800 crores total lifetime collection.